पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप उठाने वाले सिपाही सुनील कुमार शुक्ला सेवा से बर्खास्त
लखनऊ। लखनऊ कमिश्नरेट में तैनात सिपाही सुनील कुमार शुक्ला को विभागीय कार्रवाई के तहत सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। सुनील कुमार शुक्ला ने कुछ समय पहले पुलिस लाइन में ड्यूटी आवंटन के दौरान कथित भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए थे। उनके आरोपों के बाद विभागीय स्तर पर जांच हुई, जिसके उपरांत पुलिस लाइन की गणना ड्यूटी से जुड़े कई अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यभार में परिवर्तन किया गया था।
अब विभाग ने सुनील कुमार शुक्ला को भी सेवा से पृथक कर दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उन्होंने बिना पर्याप्त साक्ष्यों के वरिष्ठ अधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए, विभाग की छवि को धूमिल किया, अधिकारियों के प्रति अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया तथा सोशल मीडिया के माध्यम से उत्तर प्रदेश सोशल मीडिया नीति–2023, उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक आचरण नियमावली–1956 के नियम 3, 6, 7 एवं 27 तथा उत्तर प्रदेश वर्दी विनियम का उल्लंघन किया। इन्हीं आधारों पर उनके विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि सुनील कुमार शुक्ला को पहले निलंबित किया गया था और अब विभागीय जांच पूरी होने के बाद उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।
यह मामला एक बार फिर उस बहस को सामने लाता है कि सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा, अभिव्यक्ति की सीमाएं और विभागीय अनुशासन – इन तीनों के बीच संतुलन कैसे स्थापित किया जाए। हालांकि इस प्रकरण में विभाग का पक्ष स्पष्ट है, वहीं सुनील कुमार शुक्ला या उनके समर्थकों की ओर से इस कार्रवाई को लेकर क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।