भगवान श्री गणेश बुद्धि, समृद्धि, ज्ञान और सभी बाधाओं को दूर करने वाले (विघ्नहर्ता) देवता हैं। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या नए काम की शुरुआत में सबसे पहले उनका ही पूजन और स्मरण किया जाता है।
श्री गणेश जी के मुख्य स्वरूप और प्रतीक:
प्रथम पूज्य: रिद्धि-सिद्धि (समृद्धि और सफलता) और शुभ-लाभ के साथ पूजे जाने वाले देव।
गजानन: हाथी का मस्तक जो असीम ज्ञान, बुद्धि और दूरदर्शिता का प्रतीक है।
लंबोदर: बड़ा पेट जो पूरे संसार की बातों और रहस्यों को पचाने तथा सहनशीलता का संदेश देता है।
एकदंत: एक दांत जो दृढ़ संकल्प और एकाग्रता को दर्शाता है।
वाहन: मूषक (चूहा), जो इस बात का प्रतीक है कि छोटी से छोटी चीज़ का भी जीवन में महत्व है और चंचल मन पर नियंत्रण रखना चाहिए।
लोकप्रिय गणेश मंत्र:
"ॐ गं गणपतये नमः"
"वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥"