#Dushyant_Gautam : दुष्यंत गौतम को गवर्नर क्यों बनाया गया? क्या सेलेक्शन के वक्त अंकिता भंडारी वाली बात याद नहीं थी? सच्चाई क्या है?
1. दुष्यंत गौतम को सोच समझकर ही राज्यपाल बनाया गया है। बीजेपी के टॉप लीडर्स को पता था कांग्रेस इसे इश्यू बनाएगी। राहुल गांधी अंकिता भंडारी की फैमिली से मिलने इंडिया गेट पहुंच गए हैं। ये भी अंदाजा था। फैमिली को बकायदा बुलाया ही इसलिए गया था। फिर बीजेपी ने दुष्यंत पर ये दांव क्यों खेला?
2. दुष्यंत गौतम जाटव समाज से आते हैं। बीजेपी के अपने लीडर्स में दुष्यंत गौतम को आप बड़े जाटव लीडर कह सकते हैं। उत्तर प्रदेश में इसी समाज से मायावती आती हैं, चंद्रशेखर आजाद आते हैं। हल्दवानी वाली घटना में मल्लिकार्जुन खरगे ने दलित वाली बात ही उठाई थी। उसी चुनावी दांव की काट है एक जाटव लीडर को राज्यपाल बनाकर लोकभवन भेजना।
3. अंकिता भंडारी के केस की सीबीआई जांच कर रही है। मेरी जानकारी है कि इस केस में दुष्यंत गौतम के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला है। जिस VIP की बात बार-बार कही जा रही है, वो VIP
@dushyanttgautam है ही नहीं। इसलिए सब जान-समझकर ही दुष्यंत गौतम को गवर्नर चुना गया।
4. एक और बात : देश भर में दलित समाज में जाटव बिरादरी की तादाद सबसे ज्यादा है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब और हरियाणा में इनका वोट बहुत मायने रखता है। 27 में यूपी और पंजाब में चुनाव है। देश में इस वक्त जाटव समाज से एक भी मुख्यमंत्री नहीं है। दुष्यंत गौतम जाटव समाज से इकलौते राज्यपाल हैं। अगर उन्हें हटाने की मांग कांग्रेस उठाएगी तो इसका काउंटर-पोलराइजेशन जाटव समाज के वोट के तौर पर होगा। ऐसा बीजेपी का आकलन है।