एसीपी विवेक भगत को अभिजीत दिपके आशुतोष रांका और सौरभ दास के विरुद्ध एससी एसटी का केस बहुत पहले कर देना चाहिए था। इनका मनोबल तोड़ा जाना बहुत जरूरी है।अब देखना है कि कपिल सिब्बल,अभिषेक मनु सिंघवी और प्रशांत भूषण जैसे घाघ वकील इनको कानूनी शिकंजे कैसे बचाते हैं।खैर अभी भी देर नहीं हुई है।यह तो एक ऐसा ब्रह्मास्त्र है।जिसकी कोई काट ही नहीं है।एसीपी विवेक भगत और दिल्ली पुलिस का यह कदम सराहनीय है।