से ये लोग काम कुछ करते नहीं, सिर्फ जबरदस्ती का मांगने आ जाते हैं। हमारे यहाँ ज्यादा चढ़ा के रखा है उनको।
मैंने देखा है वडोदरा से नागदा रूट पर—जनरल डिब्बे में एक बार पैसे माँगते हैं। दूसरी बार तो थप्पड़, और पैसे नहीं दिए तो तीसरी बार बाल खींचकर मारते हैं। वो भी मिनिमम ₹50।
खासकर ट्रेनों जनरल डिब्बो के गरीब लोगों को टारगेट किया जाता है।
रेलवे वाले भी मिले हुए लगते हैं, क्योंकि कुछ करते नहीं हैं इनके खिलाफ कार्रवाई।
Sep 13, 2026 · 5:31 AM UTC
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