ऐ लोगो मेरी बात गौर से सुनो ;;
अल्लाह की नाजिल करदा तालिमात में तज़ाद कभी नहीं हो सकता लेकिन तुम्हारे अकीदे और फिक्र में मौजूद तज़ाद इस बात का सबूत है कि ये अकीदे और फिक्र अल्लाह की तरफ़ से नाज़िल करदा नहीं हैं,,
तो फिर ऐ लोगो ! आयो एक ऐसे कलमे की तरफ़
जिसकी तालीमात में कोई तज़ाद नहीं
जो बनी आदम की रूह को तस्कीन बक्शता है
जो इब्ने आदम को एहतराम, इज़्ज़त और अज़मत अता करता है
जो इब्ने आदम को सलामती, अदल वो इंसाफ, मसावात वो हुर्रियत, ओखवत और मुहब्बत जैसी आला इक़्दार की ज़मानत देता है,
बनी आदम को जहन्नुम की आग से निजात दिलाता है
वो एक कलमा है :
" अल्लाह के सिवा कोई ilah नहीं"