Princely states were under British paramountcy, not free agents. In the yellow areas only limited assembly votes decided partition, & those decisions applied to everyone. Hindus there never voted for Pakistan, yet were uprooted from Muslim-majority regions. Your logic is rejected
गिरिराज के बाप-दादा भी मुस्लिम को भारत से नहीं निकाल सकते थे
उसके पीछे कई कारण है
क्योंकि 1947 में बंटवारा केवल Yellow Region का हुआ था
Blue Region वाले स्वतंत्र रियासत थे, जिसका कोई बंटवारा नहीं हुआ था, उन्हें खुद तय करना था कि उन्हें किसके साथ रहना है
अधिकतर Blue color वाले स्वतंत्र राज्य
राजपूत और मुस्लिम के थे
रामपुर नवाब, भोपाल नवाब, जूनागढ़ नवाब, हैदराबाद नवाब, अवध नवाब, पटौदी नवाब का भू-भाग(Area per square km) बहुत बडा़ था
इन सभी नवाबों को और उनकी जमीनों को नेहरू सरकार ने बातचीत के रास्ते भारत में मिलवाया और उन नबावों, उनके श
वंशजों को सम्मान देने का वादा किया
शेख अब्दुल्ला(Farukh Abdullah के पिता) को Confidence में लेकर
मुस्लिम बाहुल्य Jammu Kashmir और लक्षद्वीप को कांग्रेस ने INDIA में जोडा़
अगर मुस्लिम को भारत में रहना ही न होता तो कांग्रेस मुस्लिम बाहुल्य Jammu Kashmir और Lakshadweep को भारत में ही न मिलाती
मुस्लिम बाहुल्य पश्चिम बंगाल के जिले Malda और Murshidabad को भारत में न जोड़ती
असम के मुस्लिम बाहुल्य जिले Dhubri, Karimganj, Hailakandi को भारत में न जोड़ती
उस समय गिरिराज सिंह की विचारधारा के लोग कहां थे?