कल जब हम सत्य निकेतन में थे तो दो बच्चियाँ हिम्मत करके अपना PG दिखाने लेकर गईं। इस रिपोर्ट में जितना हो सका हमने दिखाया है कि ऐसे स्टूडेंट्स हब में बच्चे किस हाल में रहते हैं। उसी बीच मेरे और मेरी टीम के साथ PG के मालिक ने बदतमीज़ी की। मेरी आवाज़ सहज रहती तो वो रुकते भी नहीं, और बुरी तरह पेश आते। जितना हो सका हमने आपको दिखाने की कोशिश की है।
इसके साथ एक और अपील है अगर आप माँ-बाप हैं, आपका बच्चा ऐसी किसी जगह पढ़ता है, तो प्लीज़ उसपर दबाव मत बनाइयेगा कि वो कुछ बोल ना पाये कभी अगर ग़लत देखें भी तो। बच्चों ने बहुत हिम्मत करके बोला है, हमने ये कहते हुए भी सुना उन्हें कि जब बचेंगे ही नहीं तो क्या बोल पाएंगे, इसलिए बोल रहे हैं। 🙏