ये नज़्में,
ये गजलें,
ये किस्से,
ये कहानियां,
ये नदी की लहरें,
ये समुंदर का किनारा,
ये चढ़ती जवानी,
मखमली शाम,
ये रंगीन रातें,
ये दौलत,
ये शोहरत,
ये कागज़,
ये बातें,
ये जज्बात मेरे,
अरमाँ मेरे,
ये वादे,
ये कसमें,
ये रास्ते सुहाने,
ये मैं, ये दुनिया,ये सारी दुनियादारी,
फीकी है बस तेरे एक मुस्कान के आगे।
~ कुलदीप यादव