मोदी सरकार भारत की जनता को स्लो पॉइज़न दे रही है।
आज फिर पेट्रोल ₹2.61 और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा कर दिया गया। पिछले 10 दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम ₹7.50 तक बढ़ चुके हैं।
दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर पहुंच गया है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने का मतलब सिर्फ गाड़ी चलाना महंगा होना नहीं है, इसका असर राशन, सब्ज़ी, दूध, खेती, ट्रांसपोर्ट और हर जरूरी चीज़ पर पड़ता है।
जब रूस और ईरान सस्ता तेल देने को तैयार हैं, तो भारत की जनता को महंगा तेल क्यों खरीदना पड़ रहा है?
सरकार देश को क्यों नहीं बता रही कि तेल और गैस का कितना स्टॉक बचा है, और आने वाले दिनों में महंगाई कितनी बढ़ेगी?
भारत की जनता को अंधेरे में रखकर प्रधानमंत्री मोदी आखिर किसे खुश कर रहे हैं, जिसकी कीमत पूरा देश महंगाई के रूप में चुका रहा है?