BJP ने अपने राज्य प्रभारियों का एलान कर दिया है। आमतौर पर बड़े और महत्वपूर्ण राज्यों के प्रभारी का जिम्मा महासचिव को ही दिया जाता है। इस वजह से महासचिवों को एक से अधिक राज्यों का प्रभार दिया जाना स्वाभाविक है, लेकिन बिहार और कर्नाटक जैसे बड़े राज्यों का प्रभार हरीश द्विवेदी को दिया जाना यह बता रहा है कि, शीर्ष नेतृत्व का उन पर भरोसा बढ़ा है। विनोद तावड़े को उत्तर प्रदेश का पहले ही प्रभार दिया गया और सुनील बंसल के पास पश्चिम बंगाल और तेलंगाना का प्रभार बना हुआ है। स्मृति ईरानी को भी छत्तीसगढ़ और हरियाणा जैसे सत्ता वाले राज्यों का प्रभार देकर उनका महत्व बनाए रखा है। बैजयंत जय पांडा को महाराष्ट्र का प्रभारी और अमित मालवीय को सह प्रभारी बनाकर उनको महत्व दिया गया है। अमित मालवीय को मुख्य पदाधिकारियों में स्थान नहीं मिला है, इसके अलावा भी कई ऐसे लोगों को प्रभारी बनाया गया है जो नितिन नवीन की टीम में स्थान नहीं पा सके, लेकिन उनको महत्वपूर्ण कार्य दिया गया है। श्रीकांत शर्मा को हिमाचल प्रदेश का प्रभार, विनय सहस्रबुद्धे को दिल्ली का प्रभार और राजकुमार भाटिया को लद्दाख का प्रभार उसी तरह से देखा जा सकता है। अनिल एंटनी और रोहन गुप्ता को सह प्रभारी बनाकर यह संदेश भी दिया गया है कि, दूसरे दलों से आकर भाजपा में काम करने का स्थान बन सकता है।