मेरा अधिकार मेरे कर्म पर है, इसलिए मैं कर्म को अपना कर्तव्य मानता हूं।
और हर कर्म पूरी क्षमता से करता रहूं और निरन्तर कर्म करता रहूं।
कर्म करो, काम रुकना नहीं चाहिए, प्रयास रुकना नहीं चाहिए।
इसलिए, मेरे लिए कर्म सिर्फ जिम्मेदारी नहीं है, ये देश के प्रति मेरी साधना है।
कर्म देश के लिए, कर्म देशवासियों के लिए।
और इसमें भाव यही है - मा फलेषु कदाचन!
फल की चिंता नहीं, श्रेय की भी चिंता नहीं।
देश ने अवसर दिया, लोगों ने विश्वास दिया, परिस्थितियों ने सीख दी, जिसकी वजह से मुझे देशवासियों की अविरल सेवा का अवसर मिल रहा है।
- पीएम
@narendramodi
#25YearsOfSeva