भारतीय सिनेमा के महान अभिनेता नाना पाटेकर जी का निधन कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। पांच दशकों तक उन्होंने अपने सहज अभिनय और सशक्त संवाद अदायगी से दर्शकों के मन पर अमिट छाप छोड़ी। गंभीर सामाजिक विषय हों या हास्य-व्यंग्य, उन्होंने जिस किरदार को निभाया, उसे जीवंत बना दिया। 'नाम फाउंडेशन' के माध्यम से सूखे से जूझ रहे किसान परिवारों की सेवा हो या सीमा पर जाकर जवानों का हौसला बढ़ाना, वे ख्याति के शिखर पर पहुंचकर भी अपनी मिट्टी से जुड़े रहे। जब भी उनसे मिलना हुआ, उनकी सरलता व स्पष्टवादिता ने सदैव प्रभावित किया। ईश्वर शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।
ॐ शांति शांति शांति