दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ....
इस पावन पर्व पर मेरी रब से बस इतनी-सी दुआ है कि रोशनी केवल हमारे घरों के आँगन तक महदूद न रहे, बल्कि हमारे दिलों, हमारी सोच और हमारे किरदारों में भी उतर आए।
इस मुल्क की फ़िज़ाओं में अम्न-ओ-सुकून हो, हर दिल में मोहब्बत और हर नज़र में इंसानियत का एहतराम हो। नफ़रतों के अँधेरे मिटें, मज़हबों की दीवारों से ऊपर उठकर इंसान एक-दूसरे के दर्द को समझें और हमारी गंगा-जमुनी तहज़ीब हमेशा यूँ ही महकती रहे।
काश, इस दीवाली हर घर में चिराग़ के साथ उम्मीद भी रौशन हो, हर चेहरे पर मुस्कान हो, किसी की आँखों में बेबसी के आँसू न हों और किसी के हिस्से में तन्हाई न आए।
हमारा वतन महज़ सरहदों और ज़मीन का नाम नहीं, बल्कि करोड़ों दिलों की एक साझा धड़कन है। इसकी असल ख़ूबसूरती तभी है जब यहाँ इख़्तिलाफ़ के बावजूद एहतराम, मज़हब के बावजूद मोहब्बत और हर पहचान से बढ़कर इंसानियत ज़िंदा रहे।
आइए, इस दीवाली सिर्फ़ दीये नहीं जलाएँ, बल्कि अपने भीतर रहम, सब्र, शफ़क़त और भाईचारे की लौ भी रौशन करें।
क्योंकि दुनिया को आज और रोशनी की नहीं, ऐसी रोशनी की ज़रूरत है जो किसी को जलाए नहीं, बल्कि सबको राह दिखाए।
ईश्वर से प्रार्थना है कि हमारा देश हमेशा अमन, तरक़्क़ी, ख़ुशहाली और आपसी सौहार्द की मिसाल बना रहे।
आप सभी को दीपावली की दिली मुबारकबाद।
रौशनी आपके घरों में, सुकून आपके दिलों में और इंसानियत हमारे समाज में हमेशा आबाद रहे।
❤️🪔