50 हजार रुपये की घूस नहीं दी तो बूढ़ी मां का घर गिरा दिया गया, लेखपाल कुलदीप शुक्ला के द्वारा और गरीब परिवार को चौकी में बंद कर दिया गया।
योगी आदित्यनाथ के अधिकारियों का यह अन्याय अपने संसदीय क्षेत्र में बर्दाश्त नहीं करूंगा। अबसे अगर यह मनमानी बंद नहीं हुई तो मैं हर उस अधिकारी के ख़िलाफ़ धरने पर बैठूंगा जो गरीब, मज़दूर की मेहनत की कमाई को लूट रहे हैं।
गरीब की आवाज़ दबाने वालों को अब जवाब देना होगा।