भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM), भोपाल के प्रबंधन स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों को मण्डल की कार्यप्रणाली, पर्यावरणीय विनियमन, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरणीय निगरानी तथा उद्योगों के पर्यावरणीय अनुपालन की जानकारी दी गई। मण्डल के सदस्य सचिव श्री कपिल चन्द्रवाल ने विद्यार्थियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रभावी पर्यावरण संरक्षण के लिए कानून, आधुनिक तकनीक और जनभागीदारी का समन्वय आवश्यक है।
मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री विष्णु दत्त पुरोहित ने मण्डल की नियामकीय भूमिका एवं विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। अतिरिक्त मुख्य पर्यावरण अभियंता श्री भुवनेश माथुर ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की पृष्ठभूमि एवं महत्व की जानकारी दी। वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता श्री विजय शर्मा ने पर्यावरणीय कानूनों, अनुपालन एवं उद्योगों की कानूनी जिम्मेदारियों पर संवाद किया।
विद्यार्थियों ने अधिकारियों के साथ औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरणीय अनुपालन और वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों पर संवाद कर अपने प्रश्नों के उत्तर प्राप्त किए।
यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए पुस्तकीय ज्ञान से आगे बढ़कर पर्यावरण संरक्षण के कानूनी, वैज्ञानिक, तकनीकी, प्रशासनिक और सामाजिक पक्षों को समझने का अनुभवात्मक अवसर बना।
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