ब्रह्ममुहूर्त में अगर “आंखें खुल गई हो” तो
सबसे पहले “श्री रामलला” के श्री चरणों में प्रणाम करके दिन की मंगलमय शुरुआत करें।
सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड के पालनहर, दशरथ नंदन श्री रामलला सरकार के दिव्य अलौकिक दर्शन..
लोकाभिरामं रणरंगधीरं, राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्॥
जय श्री राम 🚩
श्रद्धेय अशोक सिंघल जी ने जिस ज्योति को वर्ष 1980 के दशक में प्रज्वलित किया था, वह ज्योति आज ज्वाला बनकर सकल हिन्दू समाज के संरक्षण और संवर्धन के लिए अहर्निश लगी हुई है...