नीतीश कुमार जनता से गंगा में गाद सफाई के नाम पर वोट लेने के बाद 5 साल भूल जाते हैं फिर चुनाव में गंगा नदी में गाद सफाई याद आता था
फरक्का बराज और गंगा जल से जुड़ा विषय बिहार की जल आवश्यकताओं और भविष्य से जुड़ा गंभीर सवाल है। गंगा में गाद जमा होने और प्राकृतिक धारा प्रभावित होने से उत्तर बिहार में बाढ़ की चुनौती बनी रहती है, वहीं शुष्क मौसम में पानी की उपलब्धता भी चिंता का विषय है। आज हाजीपुर में फरक्का जल संधि पर आयोजित कार्यक्रम में बिहार के हक और बिहारवासियों के हित से जुड़े महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार रखे।
फरक्का जल संधि के कारण बिहार की जल आवश्यकताओं और हितों पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीरता से समझना जरूरी है। इस विषय को संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में भी प्रमुखता से उठाया गया है। फरक्का जल संधि का नवीनीकरण बिहार के हित में नहीं है। बिहार की सिंचाई, पेयजल, उद्योग, किसानों और पर्यावरण से जुड़ी आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
फरक्का का सवाल केवल पानी के बंटवारे का सवाल नहीं है। यह हमारे किसान का सवाल है, हमारे गांव का सवाल है, हमारे विकास का सवाल है और सबसे बढ़कर बिहार की आने वाली पीढ़ियों के भविष्य का सवाल है। बिहार की जल आवश्यकताओं और हितों को मजबूती से सामने रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।