हर दिन का एक ही काम है: पुलिस से उलझना, खड़े हो कर गर्दन झुकाए नाक से नाक सटाने की कोशिश करते हुए रील कटवाना और अपने समर्थकों में चैड बनना।
सत्य यह है कि यह भाजपा का ही जिन्न है, जिसे ये लोग बोतल में नहीं ला पा रहे हैं।
Public Opinia
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"पुलिस से बेवजह उलझना और फिर उसे ही अपनी बहादुरी बताकर समर्थकों में मसीहा बनना एक तयशुदा पैटर्न बन चुका है। राजनीति का यह गिरता स्तर सचमुच चिंताजनक है। राजनीति ज़मीन पर कम और इंस्टाग्राम रील्स पर पुलिस के सामने कैमरे सेट करके ज़्यादा हो रही है। इस दिखावे को हर कोई समझ रहा है।
Sep 24, 2026 · 7:47 AM UTC
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