बिचारा अंधा अजीत भारती आरक्षण लाई कांग्रेस,कङे प्रावधान लाया राजीव गाँधी पर अपने बॉस के ईशारो पर उसको मोदी एक्ट कह रहा है।140 करोङ का देश है जहाँ ना जाने कहाँ कितने अत्याचार हो रहे हैं।खुद बिचारा अब तक लालू राज से निकल नहीं पाया।भारती लिखता है,अचानक से इसको याद आया ये सवर्ण है।
बेचारा चटुआ सेल! आधा दिन भी नाच न सका और ABVP ने अगले ही दिन IIT बॉम्बे के प्रोफेसर के मोदी एक्ट में फँसने पर हग दिया।
नियति देखो! हमने तो केवल UGC से आरंभ किया था, पर NEET, CBSE सब होता चला गया। मोदी एक्ट में भी अब संशोधन नहीं, इसको हटाना ही एकमात्र विकल्प होना चाहिए।
ये लोग अवसर मिलते ही देश बेच देंगे। ये सावरकर, विवेकानंद को बेसमेंट के कोने में रख कर अम्बेडकर-फुले पर नाच रहे हैं। इनका मंत्री युवाओं को ‘चैलेंज’ दे रहा है इनोवेट करने को।
चार पैसे के लिए ये भी कुछ दिन में दलित-दलित का बाजा बजाने लगेंगे। आरक्षण पर दर्शन लिखने वाले पद पाते ही पलटी मार चुके हैं। ये शीघ्र ही अपने बिचला नाम फुले कर लेंगे। देखते जाइए।