ये सब आरक्षण का लाभ ले रहे हैं लेकिन आरक्षण के नाम पर विरोध कौन झेलता है, गालियाँ किसको दी जाती हैं, ये सबको पता है। सिर्फ जाटव (चमार) ही इन सबके लिए संघर्ष करते हैं।
पासी, कोरी, धोबी, वाल्मीकि, खटिक, धानुक, मुसहर, खरवार, गोंड, भील, संथाल, मुंडा, उरांव, मीणा, यादव, अहीर, कुर्मी, कुशवाहा, मौर्य, शाक्य, सैनी, निषाद, मल्लाह, केवट, बिंद, कुम्हार, प्रजापति, तेली, नाई, लोहार, बढ़ई, गड़रिया, पाल, लोध, राजभर, कहार, कश्यप, बंजारा, जोगी, कलवार, सोनार, ठठेरा, कसौधन, भर, मझवार, तुरहा, माली, अंसारी, मनिहार, राईन, बारी, गद्दी, बकरवाल, खासी, गारो, बोडो, नागा समुदायों की अधिसूचित जनजातियाँ।