ट्रेन की साइड अपर सीट वालों का दर्द कोई नहीं समझता!
मेरे दोस्त की आप बीती उसी की जुबान में
मैं ट्रेन में सफर कर रहा था। मेरी सीट साइड अपर थी।
रात को सोने का समय हुआ, तो मैं अपनी सीट पर चढ़ने लगा।
तभी नीचे बैठे एक अंकल बोले
बेटा, थोड़ी देर नीचे बैठ जाओ, हमें खाना खाना है।
मैंने सोचा, चलो कोई बात नहीं।
खाना खत्म हुआ, तो बोले
बेटा, थोड़ी देर और बैठ जाओ, बच्चे को सुलाना है।
मैं फिर चुप रहा।
कुछ देर बाद बोले
बेटा, नीचे उतरकर अपना बैग निकाल दो, दवाई रखी है।
अब मैंने भी मुस्कुराकर कहा
अंकल जी, मेरी सीट साइड अपर है या आपकी निजी हेल्पलाइन?
अंकल जी ने मेरी तरफ देखा, फिर अपनी पत्नी की तरफ।
पत्नी बोलीं
जी, अब चढ़ने दीजिए बेचारे को
मैं अपनी सीट पर चढ़ गया, लेकिन नीचे से आवाज आई
बेटा, पानी की बोतल तो पकड़ा देना
अब बताओ, साइड अपर सीट मिली है या ट्रेन में नौकरी लग गई है?