लोग कहते हैं कि मनुस्मृति कौन ही पढ़ता या मानता है, वो लोग ये विडियो देखें और बताएं कि यहां श्रेष्ठता का भाव कहां से आ रहा है?
ये मनु के भूदेव अभी भी भूतकाल में ही रहते हैं कोई चोरी छिपे तो कोई खुलकर।
इनको लगता है कि इनका जन्म होना पृथ्वी पर कोई उपकार है।
साले पृथ्वी के बोझ🤬
“हम ब्राह्मण हैं, तुम छोटी जाति के हो, हमसे माफी माँगो!”
अगर किसी अधिकारी के साथ उसकी जाति के आधार पर ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो यह बेहद निंदनीय है।
संविधान में सब बराबर हैं, कोई ऊँचा या नीचा नहीं! जाति के नाम पर अपमान करने वालों को समझना होगा कि किसी की गरिमा उसकी जाति से नहीं, उसके मानवीय सम्मान से तय होती है।
जातिवाद पर लगाम लगनी ही चाहिए! 🇮🇳