कई लोग सवाल पूछ रहे हैं कि बड़ी लड़ाई हो रही, आंदोलन टूट रहा, देखिये!
तो बता दें-
1. ये आंदोलन मांगों का है, चेहरों का नहीं!
मांगें तो लोगों की हैं, वो कोई भी उठाए फर्क नहीं पड़ता! जनता तक आवाज़ पहुंच चुकी है! अब लोग खुद अपनी मांग उठाएंगे!
2. कुछ लोग तो हमेशा से आंदोलन में पैसे या प्रसिद्धि के लिए आये थे, ये हमको पहले दिन से पता था! और हमको ये भी पता था कि समय के साथ लोग उनकी पहचान कर ही लेंगे, और अलग हो जाएंगे! लेकिन इससे आंदोलन थोड़ी थमेगा?
3. दूसरों को नीचे गिराकर आप खुद ऊपर नहीं उठ सकते! आपको उनसे ज़्यादा बड़ा बनना पड़ेगा! तो जो लोग मुझे या YFE जैसी संस्था से ऊपर उठना चाहते हैं, वो खुद मेहनत करें, अच्छा काम करें, रिसर्च करें, लोगों तक बात पहुंचाएं! अपनी संस्था बनाएं, GC के लिए केस लड़ें!
हम खुद मदद करेंगे!
लेकिन जो कुछ अच्छा करने की कोशिश कर रहे हैं, उनको नीचे गिराकर आप खुद भी नीचे ही जायेंगे औऱ अपनी नीचता दिखाएंगे!
4. किसी महिला को सरेआम टारगेट करना, उसकी फोटो/वीडियो बनाकर "चोर लुटेरा" कहना, उसका चरित्र हनन करना- ये करके आप खुद अपने संस्कार दिखाते हैं कि पैसों के लिए आप कितने नीचे गिर सकते हैं! और ऐसे लोग तो GC के शुभचिंतक तो कभी थे ही नहीं, तो इनके जाने का कोई गम भी नहीं होना चाहिए!
5. हर गलतबयानी का इलाज लीगल तरीके से होगा, इसलिए लोगों को अब सलाह ये भी की कुछ भी बोलने या लिखने से पहले सोच लें! जब केस होगा तो आपको जो चढ़ा रहे हैं, वो आपको जेल या कोर्ट की कार्यवाही से बचाने नहीं आएंगे!
इसलिए अपना दिमाग लगाएं!
6. टारगेट होने की आदत हमको तो 5 सालों से है, तो ये सोचना कि ये सब बचकानी हरकतों से हम GC आंदोलन छोड़ देंगे, तो ये भूल है! मरते दम तक यही करेंगे अब।
जिसको जो करना है, कर लो!
धन्यवाद🙏