-कितना हास्यास्पद लगता है ना की जब एक मुस्लिम महिला अपने शौहर को तीन-तीन सौतनों के साथ शेयर करती है,
-उसके लिए दर्जनों बच्चे पैदा करती है
-45 डिग्री गर्मी में ख़ुद को काले टेंट (बुर्के) में जकड़ कर रखती है,
-हलाला के नाम पर मियाँ भाई द्वारा ससुर- देवर-जेठ-मुल्ला-मौलवी और मौलानाओ के बिस्तर पर सेक्स-ऑब्जेक्ट की तरह भेजी जाती है,
-जिसे उसकी आसमानी किताब में “खेती” के रूप में प्रस्तुत किया गया है, “मुस्लिम पुरुष जितना मर्जी उतना जौते ऐसा माना गया है”
वो हाथ में डफली लेकर, हिजाब-बुर्के पहन कर, कितनों से हलाला करवा कर अपनी सौतनों के साथ “ब्राह्मणवाद से आज़ादी” के नारे लगा रही है।😂😂😂
Even irony would commit suicide 786*72 times 🤦🏻♀️