Informer | Activist

New Delhi, India
आली रे आली! ज्ञानू तो गयो पहले बेंगलुरु में, फिर उसके बाद दिल्ली में ध्रुव राठी की पहली बार ग्राउंड पर indian protest में entry हो चुकी है।
14
98
525
19,055
खाकी वर्दी में दारोगा और अखाड़े में पहलवान ! भदोही के थाने में तैनात दारोगा प्रमोद यादव ने सोनइचा मेले में दंगल के दौरान चुनौती स्वीकार कर पहलवान को पटखनी दे दी। महज साढ़े 17 साल की उम्र में खेल कोटे से यूपी पुलिस में चयनित हुए प्रमोद यादव लगातार 16 साल तक कुश्ती में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। वह वर्ल्ड पुलिस कुश्ती चैंपियनशिप में ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न तक भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और सिल्वर मेडल भी जीत चुके हैं।
9
29
249
6,083
मेरा जन्मदिन 2 October को था 1 महीने पहले मेरा account suspend करवा दिया था कुछ असामाजिक तत्वों ने। पर X ने मुझे बर्थडे गिफ्ट दिया है हमारा account लौटा दिया है। @X शुक्रिया।
50
12
157
5,897
ये लड़ाई है cockroaches और dimagi naxal के सम्मान की। ये लड़ाई है देश के genZ के सम्मान की। ये लड़ाई पार्टी vs पार्टी नहीं रही है अब ये लड़ाई सिस्टम vs लोगो की हो चुकी है।
1
5
35
1,769
किरेन रिजिजू आलोचकों को दिमागी नक्सल कहना कोई तर्क नहीं यह असहमति की आवाज दबाने का सस्ता तरीका है जवाब न दे पाएं तो लेबल न लगाएं आलोचना देश विरोधी नहीं बात कहना हमारा अधिकार
NDTV
1
2
7
1,565
Thank you, Dhruv Rathee supporting Dimagi Naxal party.
Dimaagi Naxal Party 🇮🇳
5
33
1,666
दिमागी नक्सल से इतना डर गए कि अब ये करने पर मजबूर हैं।
3
197
1,077
19,701
गोबर भक्त होने से कई गुना अच्छा है दिमागी नक्सल होना।
3
2
39
1,594
I CHOOSE TO BE THE VOICE OF INDIAN STUDENTS AND EVERY SUPPRESSED SOUL IN my COUNTRY. I stand AGAINST CORRUPTION, NEGLIGENCE, ATROCITIES, BROKEN LAWS, and POLITICS in the name of religion. I am no one's slave. I am an INTELLECTUAL rebel for my nation.
1
2
9
1,052
जल्दी तो है बच्चन साहब क्योकि अब पानी सर से ऊपर उठ रहा। GenZ युवाओं के सम्मान की बात है।
T 5828 - जल्दी है !
2
2
9
1,306
लाल किले से पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान के बाद सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में 'दिमागी नक्सल पार्टी (DNP)' की कल्पना सामने आई। यह काल्पनिक पार्टी राजनीतिक बयानबाजी पर तंज कसते हुए सवाल, बहस और लोकतांत्रिक असहमति को चर्चा का विषय बनायेगी।
4
3
21
1,110
एक युवती और युवक का रिश्ता था। युवक ने उनकी व्हाट्सऐप चैट/बातचीत रिकॉर्ड करके सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। गांव की पंचायत ने मामला अपने हाथ में लिया और फैसला सुनाया कि सजा के तौर पर युवती खुद युवक को चप्पल से मारे। सभा के बीच युवती चप्पल उतारकर युवक के सिर पर बार-बार मार रही है, और युवक सिर झुकाए चुपचाप खाता रहा है। इसे न्याय कहेंगे या अन्याय?
5
10
93
33,741
रील एक भयानक बीमारी है! शॉट लेने में महिला इतनी मदहोश है कि उसे अपना बच्चा नहीं दिख रहा है। वह कैमरे के सामने पोज़ दे रही है लेकिन उसका बच्चा पुल के किनारे तक पहुँच गया। जबसे पता चला है social media पैसे देता है तबसे गाँव की महिलाएँ क्रिएटर बनने के चक्कर में सठिया गई हैं। ये बीमारी गाँव गली में कसके फ़ैल चुकी है।
3
5
22
1,113
भारत में बच्चों के लिए मिड डे मील और विदेश में बच्चों का मिड डे मील।
6
5
60
1,422
अब लोग समझ गए निष्पक्ष दिखने वाला सौरभ द्विवेदी गोदी मीडिया की श्रेणी में आता है। ये gen z छात्र वही हैं जिन्होंने मोदी सरकार को घुटनों पर ला दिया और अब झारखंड में डटे हुए हैं। छात्र प्रमाणपत्र नहीं देंगे तो कौन देगा सौरभ जी?
33
89
445
25,038
Ankit Yadav retweeted
अगर अभी के हालात में चुनाव हो जाएं तो उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन हो सकता है? Vote करना ज़रूरी है।
17% Yogi Adityanath (BJP+)
79% Akhilesh Yadav (SP+)
4% किसी अन्य पार्टी का
0%
0%
0%
0%
0%
557 votes • Final results
19
26
83
6,378
Do you remember when you joined X? I do! #MyXAnniversary
2
1
34
1,878
ये देखकर पता चला कि यूपी में चुनाव नजदीक हैं।
3
2
29
998
अखिलेश यादव द्वारा बनवाये गए इस भव्य मंदिर में ना तो जनता के tax का पैसा लगा है, और ना ही यहाँ चंदा चोरी हुआ है। केदारेश्वर महादेव मंदिर इटावा में कल श्रावण के पहले सोमवार से ही श्रद्धालुओं का ताता लगा हुआ है। देर शाम तक भक्तों का मंदिर आना जाना लगा रहा।
21
205
1,246
15,965
Ankit Yadav retweeted
मोहन यादव को आज उनकी संपत्ति को लेकर ट्रोल किया जा रहा है, लेकिन एक सवाल का जवाब कोई नहीं देता क्या उन्होंने मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जमीन खरीदी है? उनके चुनावी हलफनामे बताते हैं कि वे मुख्यमंत्री बनने से बहुत पहले से संपत्ति और कारोबार रखते थे, और आज भी अगर कोई व्यक्ति कानूनी तरीके से जमीन खरीदता है तो उसमें दिक्कत क्या है? और अगर नेताओं की जमीन खरीदने-बेचने पर ही बहस होनी है, तो फिर यह बहस सबके लिए समान होनी चाहिए। दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों या बड़े नेताओं की संपत्तियों और जमीन खरीदने की खबरों पर इतनी बेचैनी क्यों नहीं दिखाई देती? चर्चा सिर्फ एक ही नाम पर क्यों सिमट जाती है? असल परेशानी जमीन नहीं, "यादव" उपनाम है। यही वजह है कि मोहन यादव को भी निशाना बनाया जा रहा है और उनके समर्थन में पोस्ट लिखने पर @JaikyYadav16 को भी ट्रोल किया जा रहा है। मानो किसी यादव का दूसरे यादव के समर्थन में खड़ा होना ही कुछ लोगों को स्वीकार नहीं है। जैकी यादव ने सिर्फ इतना कहा कि आलोचना तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए, पूर्वाग्रह के आधार पर नहीं। लेकिन कुछ लोगों को हर बहस का निष्कर्ष पहले से तय चाहिए कटघरे में यादव ही खड़ा दिखना चाहिए। असहमति रखिए, सवाल पूछिए, लेकिन किसी को सिर्फ उसके "यादव" होने की वजह से निशाना बनाना राजनीति नहीं, पूर्वाग्रह है।
1
3
199