#करवाचौथ2026
करवाचौथ,
बया करता है प्रेम के एहसास को
याद दिलाता है
कुछ रस्में कुछ वादे
कुछ बीते हुए खूबसूरत से पल,
जो हर वर्ष
एक नए अंदाज़ में
नए रूप में
हमारी आँखों के सामने
दोबारा जिंदा हो जाते हैं।
✍🏻 बबिता चौधरी "राही" 🌸
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वक़्त के साथ
बदलेगा चेहरा
बदलेगा रंग रूप भी,
जीवन
हमें समझा जाता
कि ढल जाती है धूप भी।
क्योंकि
कुछ भी
तो शाश्वत नहीं
छूट जाता सब कुछ पीछे ,
जीवन आगे है बढ़ता
पर यादें तो हमें पीछे खींचे।
✍🏻बबिता चौधरी "राही" 🌸
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कुछ होते
मन के रिश्तें
कुछ होते हैं दिखावे के,
मन के रिश्तें निभ जाते
पर टूट जाते दिखावे के,
क्योंकि
मन तो
मन की बात समझता
समझे मन हर भावना,
पर स्वार्थ के रिश्तों में
बस छुपी रहती कामना।
✍🏻बबिता चौधरी "राही' 🌸
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लोग
ढूंढ रहे दूजो में खुशियां
अपनों को पीछे छोड़कर,
आज
आ गए हम
जीवन के किस मोड़ पर ।
पहले
जब दूर होते थे अपने
तो करते थे दुआ मिलने की,
पर आज
पास होकर भी
किसी को फुरसत नहीं है मिलने की।
✍🏻बबिता चौधरी "राही" 🌸
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आजकल
लोग ढूंढ रहे दूजों में खुशियां
अपनों को पीछे छोड़ कर,
आज कहां आ गए हम
जीवन के इस मोड़ पर।
पहले
दूर होते थे तो
करते थे दुआ मिलने की,
पर आज पास होकर भी
किसी को फ़ुर्सत नहीं है मिलने की।
✍🏻बबिता चौधरी "राही"🌸
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क्यों ना
बीती बातें छोड़कर
जिंदगी को एक नया मोड़ दें,
बीत गया सो बीत गया
अब बीती बातें छोड़ दें।
क्योंकि
खूबसूरती यही जीवन की
कि जीवन सदा एक नहीं रहता
सड़ जाता है पानी भी
गर आगे वह नहीं बहता।
✍🏻 बबिता चौधरी "राही"🌸
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आज पड़े हैं जो खंडहर
कभी यहां भी रैन बसेरा था
उड़ते फिरते थे पंछी हरसू
यहां भी इंसानों का डेरा था ।
छोड़ गए इंसान घरौंदा
रोजी रोटी की तलाश में
देख रहा घर रस्ता आज भी
उन बेफिक्रों की आस में ।
✍️बबिता चौधरी"राही"
#स्वरचित#poetry#कविता
जानते हैं कि
कुछ कमियां मुझमें भी हैं,
क्योंकि "मैं" कोई भगवान नही।
जीवन है तो उलझनें भी हैं,
कैसे कह दूं कि मैं परेशान नही।
यहां, एक पल में बदल जाता है जीवन,
जीवन के बदले स्वरूप से भी "मैं" हैरान नही।
✍️बबिता चौधरी "राही"
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