समरसता, न्याय और सनातन संस्कृति के आधार स्तंभ, आदिकवि भगवान वाल्मीकि जी की जयंती के शुभ अवसर पर नेहरू पार्क, चाणक्यपुरी स्थित भगवान वाल्मीकि मंदिर में शीश नवाया और देशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।
रामायण के माध्यम से प्रभु श्री राम के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने वाले महर्षि वाल्मीकि जी की शिक्षाएँ हमें एक सशक्त, संगठित और समरस समाज के निर्माण की प्रेरणा देती हैं।
भगवान वाल्मीकि जी के चरणों में शत्-शत् नमन!