मैं इस विचार का खंडन करती हूं,तालाब में सभी मछलियां एक जैसी नहीं होती,हर नौकरी करने वाली लड़की चरित्र हीन नहीं है नौकरी सिर्फ जरुरत नहीं शौक भी है दुनिया दो पहिए पर चल रही है स्त्री राजनीति विज्ञान ज्ञान शिक्षा डाक्टर इंजीनियर सब कुछ है इसका मतलब यह नहीं कि सब चरित्र हीन है
आत्मनिर्भर लड़की से शादी करना चाहते हो और उम्मीद करते हो कि वो सेक्स के लिए सिर्फ तुम पर निर्भर रहे बढ़े नादान हो मौत को गले लगाते हो ओर जिंदा भी रहना चाहते हो