*प्रेस विज्ञप्ति:- 19 अक्टूबर, 2026*
*श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि महोत्सव की नवमी सांस्कृतिक संध्या शिवभक्ति, देवी आराधना एवं शास्त्रीय नृत्य के नाम रही*
वाराणसी, 19 अक्टूबर, 2026। श्री काशी विश्वनाथ धाम के शंकराचार्य चौक में शारदीय नवरात्रि महोत्सव की नवमी सांस्कृतिक संध्या संगीत, भक्ति और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की मनोहारी प्रस्तुतियों के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ पद्मश्री प्रो. मंगला कपूर, मुंबई के वरिष्ठ कलाकार पंडित उमेश चौधरी एवं शास्त्रीय गायिका डॉ. शिवानी शुक्ला द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संध्या में शास्त्रीय गायन, शिव एवं देवी भजनों तथा कथक नृत्य की विविध प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
सांस्कृतिक संध्या की प्रथम प्रस्तुति मुंबई के वरिष्ठ कलाकार पंडित उमेश चौधरी के गायन की रही। उन्होंने राग यमन कल्याण में निबद्ध भजन ‘आदि देव महादेव’ से अपनी प्रस्तुति का आरंभ किया। इसके पश्चात ‘नाम तुझे बरवेगा शंकरा’ सहित शिवभक्ति से ओतप्रोत रचनाओं और देवी भजन ‘वारी ओ वारी’ की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को भावविभोर किया। उनके गायन में तबले पर श्रीकांत मिग्र, संवादिनी पर हर्षित पाल तथा साइड रिदम पर संजय श्रीवास्तव ने संगति प्रदान की।
द्वितीय प्रस्तुति पद्मश्री प्रो. मंगला कपूर के गायन की रही। उन्होंने संत तुलसीदास जी द्वारा रचित पद ‘तू दयाल दीन हौं’ से गायन आरंभ किया। इसके उपरांत शिवभजन ‘भोले बाबा तेरे द्वार अरज हमारी है’ की भावपूर्ण प्रस्तुति से भगवान शिव के प्रति श्रद्धा एवं समर्पण की अनुभूति कराई। उनके साथ पंडित उमेश चौधरी की प्रस्तुति में संगति देने वाले कलाकारों ने ही वाद्य सहयोग प्रदान किया।
संध्या की तीसरी प्रस्तुति युवा कलाकार सुश्री रमा सिंह के शास्त्रीय गायन की रही। उन्होंने लोकप्रिय शिवभजन ‘शंकर तेरी जटा से’ से अपनी प्रस्तुति आरंभ की। इसके पश्चात देवी आराधना पर आधारित भजन ‘जय जय जग जननी देवी माता’ प्रस्तुत कर श्रोताओं को भक्तिरस से सराबोर किया। उनके गायन में तबले पर श्री दीपक सिंह ने संगति प्रदान की।
चौथी प्रस्तुति में सुश्री सृष्टि यादव ने कथक नृत्य के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा का परिचय दिया। उन्होंने श्री गणेश वंदना एवं श्री दुर्गा स्तुति पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियों के जरिए गणपति वंदन और माँ भगवती की आराधना को भावपूर्ण नृत्याभिव्यक्ति प्रदान की।
सांस्कृतिक संध्या की पाँचवीं प्रस्तुति प्रख्यात कथक नर्तक पंडित माता प्रसाद मिश्र एवं उनके शिष्यों की रही। प्रस्तुति का आरंभ ‘नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय’ पर भावपूर्ण नृत्य से हुआ। इसके पश्चात बनारस घराने की पारंपरिक कथक शैली में तोड़े, टुकड़े एवं परन सहित विभिन्न नृत्य रचनाओं का कुशल प्रदर्शन किया गया। इस प्रस्तुति में सुश्री पलक, सुश्री आदि प्रकाश एवं सुश्री इरा नेने ने अपनी नृत्य प्रतिभा का प्रदर्शन किया। तबले पर श्री आनंद मिश्र, सारंगी पर श्री ओम सहाय तथा संवादिनी एवं गायन में श्री संतोष मिश्र ने संगति प्रदान की। पारंपरिक कथक की लयकारी, भावाभिव्यक्ति और तकनीकी विशेषताओं ने दर्शकों को विशेष रूप से प्रभावित किया।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती ललिता शर्मा एवं डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया। संपूर्ण सांस्कृतिक संध्या में शिवभक्ति, देवी उपासना और भारतीय शास्त्रीय कलाओं का सुंदर समन्वय देखने को मिला। श्री काशी विश्वनाथ धाम में नवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित ये सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ धार्मिक आस्था एवं भारतीय संगीत और नृत्य की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के सुंदर समन्वय का प्रतीक रहीं।
*हर-हर महादेव!*
*॥ श्री काशीविश्वनाथो विजयतेतराम् ॥*
#kashi #vishwanathdham #sanatan #shardiyanavratri