अविनाश दास जी, दूसरों की नैतिकता पर सवाल उठाते समय आपकी आवाज़ खूब बुलंद होती है, अब अपने ऊपर उठे सवालों पर भी उतनी ही बुलंदी से जवाब दीजिए!
स्वरा भास्कर ने बता दिया था कि शूटिंग के दौरान कैसे डायरेक्टर ने शराब के नशे में उसे पकड़ना चाहा और वो आप थे ये KRK ने बता दिया!
इससे पहले माखन लाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय की छात्रा ने बताया था कि आपने कैसे उसका यौन शोषण किया था!
तमाम अख़बारों की वेबसाइट पर ये खबर है!
एक पत्रकार उतपन्ना चक्रवर्ती को काम के बदले कैसे पैसे देने और उसका शोषण करना चाहते थे ये उसने आपकी चैट वायरल करके बता दिया!
तमाम अख़बारों में ये खबर है!
क्या नैतिकता सिर्फ दूसरों को कटघरे में खड़ा करने का हथियार है??
जब सवाल खुद पर आए तो जवाबदेही कहां चली जाती है??
डायरेक्टर होकर शराब के नशे में हंगामा करना और महिलाओं का शोषण करना किस श्रेणी में आता है??
उपदेश का मंच बहुत सजा लिया, अविनाश जी अब जवाबदेही का सामना कीजिए!