ओरिजनल बौद्ध आज भी भगवान विष्णु जी को बुद्ध का अवतार मानते हैं।तो कन्वर्ट नवयान नवबौद्धों कि क्या औकात।
ओरिजनल वाले के खिलाफ जाने वाले बौद्ध नहीं बौद्ध मत के कंधे पर बंदूक रख सनातन सभ्यता संस्कृति पर चलाने वाले राजनीतिक निलांड हैं।
जिनका बाप एक चुनाव कि हार से कन्वर्ट हुआ।
बाबा साहेब की 22 प्रतिज्ञाएं पढ़ लो,
फिर तय करो कि विरोध राजकुमार भाटी का करना है या बाबा साहेब का,
बाबा साहेब का विरोध करने की गाँव में ताकत कहाँ से लाओगे,
डॉक्टर बी.आर. आंबेडकर (बाबासाहेब) द्वारा 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर में धम्म दीक्षा के समय ली गई 22 प्रतिज्ञाएं इस प्रकार हैं:
1. ब्रह्मा, विष्णु और महेश में कोई विश्वास नहीं रखूँगा और न ही उनकी पूजा करूँगा,
2. राम और कृष्ण में कोई विश्वास नहीं रखूँगा, जिन्हें भगवान का अवतार माना जाता है, और न ही उनकी पूजा करूँगा।
3. गौरी, गणपति और हिंदुओं के अन्य देवी-देवताओं में कोई विश्वास नहीं रखूँगा और न ही उनकी पूजा करूँगा।
4. भगवान के अवतार के सिद्धांत पर विश्वास नहीं करूँगा।
5. यह कभी नहीं मानूँगा कि बुद्ध, विष्णु के अवतार थे। मेरा मानना है कि यह केवल एक पागलपन और झूठा प्रचार है।
6. श्राद्ध कभी नहीं करूँगा और न ही पिंडदान दूँगा।
7. बुद्ध के सिद्धांतों और शिक्षाओं के विरुद्ध जाने वाले तरीके से कोई कार्य नहीं करूँगा।
8. ब्राह्मणों द्वारा संपादित किए जाने वाले किसी भी समारोह या संस्कार को स्वीकार नहीं करूँगा।
9. मनुष्य की समानता के सिद्धांत पर विश्वास करूँगा।
10. समानता स्थापित करने का प्रयास करूँगा।
11. बुद्ध के अष्टांगिक मार्ग का पूरी तरह पालन करूँगा।
12. बुद्ध द्वारा प्रतिपादित दस पारमिताओं का पालन करूँगा।
13. संसार के सभी जीवित प्राणियों के प्रति दया और करुणा रखूँगा और उनकी रक्षा करूँगा।
14. चोरी नहीं करूँगा।
15. झूठ नहीं बोलूँगा।
16. व्यभिचार (अपवित्र आचरण) नहीं करूँगा।
17. मादक पदार्थों (शराब, नशीली चीजें) का सेवन नहीं करूँगा।
18. ज्ञान, शील और करुणा—इन बौद्ध धम्म के तीन तत्वों के अनुसार अपना जीवन जीने का प्रयास करूँगा।
19. मैं हिंदू धर्म का पूर्णतः त्याग करता हूँ, जो मानवता के विकास के लिए हानिकारक है और असमानता पर आधारित है, तथा बौद्ध धम्म को स्वीकार करता हूँ।
20. मेरा यह दृढ़ विश्वास है कि बुद्ध का धम्म ही एकमात्र सच्चा धम्म है।
21. मेरा मानना है कि मेरा नया जन्म हुआ है।
22. मैं गंभीरतापूर्वक यह घोषणा करता हूँ कि आज से मैं बुद्ध की शिक्षाओं के अनुसार अपना जीवन व्यतीत करूँगा।