तीन दिवसीय कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय बुद्धिस्ट कांक्लेव -2026 के अंतिम दिन कार्यक्रम के समापन समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी के वीडियो संदेश का प्रसारण किया गया। मा.मुख्यमंत्री जी ने कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न करने सभी को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने वीडियो संदेश में कहा कि धम्म, संवाद एवं विकास की भावना से प्रेरित या आयोजन आध्यात्मिक चेतना वैश्विक सहयोग एवं सतत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आयोजन के तीनों आयाम धम्म,विकास एवं संवाद हमारे समग्र दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करते हैं। धर्म आंतरिक शांति एवं नैतिकता का मार्ग दिखाता है, विकास समाज को समृद्धि की ओर अग्रसर करता है, संवाद वैश्विक समस्याओं के समाधान का सशक्त माध्यम बनता है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि आज जब विश्व में संघर्ष, अस्थिरता, आविश्वास का वातावरण है तब यह और भी सुनिश्चित हो जाता है कि विश्व को युद्ध की नहीं बुद्ध की आवश्यकता है। हिंसा और टकराव कभी स्थाई समाधान नहीं दे सकते। समाधान का मार्ग केवल संवाद,अस्तित्व एवं करुणा से ही प्रशस्त होता है। बुद्ध का मध्यम मार्ग एवं अहिंसा का सिद्धांत आज की वैश्विक परिस्थितियों में मानवता के लिए प्रासंगिक मार्गदर्शन प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब-जब बुद्ध के विचारों का आत्मा साथ किया गया वहां कठिन परिस्थितियों में प्रगति के मार्ग पर प्रशस्त हुए। बुद्ध जी सीखते हैं कि परिवर्तन की शुरूआत स्वयं से होती है उनका संदेश "अप्प दीपो भवा"अर्थात अपना प्रकाश का स्रोत स्वयं बानो।आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज जब विश्व विश्व जलवायु परिवर्तन पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास जैसी चुनौतियों से जूझ रहा है तब बुद्ध का दृष्टिकोण समाधान की दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि विगत 11 वर्षों में माननीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में भारत इसी वैचारिकी को अपनाया है इसलिए आज का भारत नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है विश्व को साथ लेकर प्रगति के मार्ग पर अग्रसर है। भगवान बुद्ध भारत के संविधान की प्रेरणा है।
मुख्यमंत्री जी ने कॉन्क्लेव में थाईलैंड म्यांमार, भूटान, लाओस,कंबोडिया, जापान, नेपाल आदि देशों से आए 2 हजार से अधिक बौद्ध भिक्षुक, विद्वान, नीति निर्माता, संस्कृत प्रतिनिधि,निवेशक एक मंच पर एकत्र होकर विचार विमर्श कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बौद्ध सर्किट के समग्र विकास हेतु पूर्णता प्रतिबद्ध है।कुशीनगर को एक वैश्विक, आध्यात्मिक, पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कनेक्टिविटी, आधारभूत संरचना, निवेश के क्षेत्र में निरंतर कार्य किया जा रहा है।आज भारत एक विकसित, समावेशी एवं आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण हेतु संकल्पित है।भारत सरकार एक विकसित समावेशी एवं आत्मनिर्भर भविष्य के निर्माण हेतु संकल्पित है। भारत सब का साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के विचारों का अनुश्रवण करते हुए हम सभी मिलकर मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
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