महोदय, आपने इतना लम्बा आलेख लिखने के स्थान पर केवल यह लिखा होता:
It is all Deep State. Ford Foundation, Rothschild, George Soros। ते ब्ला-ब्ला ते ब्ला…
कोई मैटर नहीं करता अरविन्द जी। नए राम आए हैं देश में, आप दीया जलाइए घर के बाहर। ब्लैकमेलिंग बंद कीजिए। आप जो लिख रहे हैं, वह सब यही पार्टी कर रही है। बकलोल व्यक्ति ही इन पर आँख बंद करेगा:
१. ओडीशा में आरक्षण भाजपा ने बढ़ाया
२. ओपन सीट 40% भाजपा ने की
३. मध्यप्रदेश में 73% आरक्षण के लिए भाजपा लड़ रही है
४. समाजवादी रेवड़ियों के चक्कर में हर राज्य की अर्थव्यवस्था की रेड भाजपा ने मारी है
५. समाज में जातिवाद का घटिया बीज भाजपा ही लगातार बो रही है
६. हिन्दुओं के देवी-देवता पर अंबेदकरवादियों के आक्रमण पर भाजपा ही चुप है
७. भाजपा की हर नीति में GC सबसे अंत में है, या नहीं है
आपको ऐसा क्यों लगता है कि फलाँ पार्टी सत्ता में आ गई तो देश को फूँक देगी और हम देखते रहेंगे? हम भी तो उन पार्टियों को फूँक सकते हैं? 30% जनसंख्या तो हमारी भी है। बस लाख आदमी चाहिए, सब कुछ संभव है।
2000 तिलचट्टों के सामने पैंट उतारने वाली पार्टी किसी को भी ब्लैकमेल करने की स्थिति में नहीं है।
आप वही डीप स्टेट बेचिए, उसका पकौड़ा अच्छा बिकता है।