एक तरफ CM के विशेष कार्यक्रम, जानवरों के साथ तस्वीरें,बड़े फैसलों की सुर्खिया दूसरी ओर जनता की समस्याएँ सवाल CM के कार्यक्रम दिखाने से नहीं सवाल है जनता की आवाज़ और ज़मीनी हक़ीकत को मीडिया द्वारा न दिखाना मीडिया लोकतंत्र का आईना बने न कि प्रचार मंच जनता की आवाज़ दबनी नहीं चाहिए!
ALT कोरोना काल में सेवा देने वाले CHO आज अपने भविष्य की सुरक्षा और नियमितीकरण के लिए धरने पर बैठने को मजबूर हैं।
जो स्वास्थ्यकर्मी संकट के समय जनता के साथ खड़े रहे, आज उनकी आवाज़ कितने मीडिया चैनलों तक पहुँच रही है?
📢 हम प्रचार नहीं, अपने हक़ की बात कर रहे हैं। CHO की माँगों को भी खबर बनाइए!
ALT मीडिया का काम सिर्फ CM के कार्यक्रमों का प्रचार करना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं को सरकार तक पहुँचाना भी है।
CM के हर कार्यक्रम की सुर्खियाँ बनती हैं, लेकिन बेरोज़गारी, किसानों की परेशानी और CHO के नियमितीकरण की माँग को कितनी जगह मिलती है?
जनता के सवाल भी खबर हैं, सिर्फ सत्ता का प्रचार नहीं!
ALT एक तरफ CM के विशेष कार्यक्रम, जानवरों-पक्षियों के साथ तस्वीरें और बड़े फैसलों की सुर्खियाँ… दूसरी तरफ जनता की समस्याएँ और CHO का नियमितीकरण आंदोलन!
सवाल CM के कार्यक्रम दिखाने से नहीं, सवाल यह है कि जनता की आवाज़ और ज़मीनी मुद्दों को उतनी जगह क्यों नहीं मिलती?
मीडिया लोकतंत्र का आईना बने, सिर्फ प्रचार का मंच नहीं।
जनता की आवाज़ दबनी नहीं चाहिए!