विकास का नारा, बराबरी की बात,
हर भाषण में सुनते हैं - सबका साथ, सबका विकास।
पर GC की बारी आई तो बदल गया अंदाज़,
सवाल पूछो तो मिलता है जवाब - "थोड़ा रखिए विश्वास।"
कभी वादा, कभी जुमला, कभी नया ऐलान,
हर चुनाव में सज जाती है उम्मीदों की दुकान।
GC पूछे हक़ तो मिलता है भाषण महान,
नारे में सब बराबर, मगर हिस्से में अलग विधान।
वाह रे "सबका साथ", वाह रे विकास की बात,
GC के हिस्से सवाल, बाकियों के हिस्से सौगात।