एक भाई की आज मुझे बहुत अच्छी बात लगी.. तीन कैटेगरी मै बंटा हुआ है सवर्ण समाज
पहले वो जो, बिल्कुल अनजान है जिनको कुछ पता ही नहीं है कि आखिर दुनिया,देश में क्या चल क्या रहा है और तुम्हारे साथ क्या होने वाला है और फिर भी वह जी रहा है.. लेकिन भाजपा का कौर वोटर है
दूसरा वह जो हम जैसा है, नहीं देगा भाजपा को और किसी पार्टी को वोट... जब तक की नया विकल्प नहीं मिले..
और तीसरा वह, जो बेचारा nota दबा के आता जो महंगाई से परेशान है, पेट्रोल के बढ़ते दामों से परेशान है पेट्रोल भरवाने के बाद भी आधा रह गया गाड़ी का एवरेज उससे परेशान.. और भी बहुत बातों से परेशान है...
और भी बेचारा बहुत चीजों से परेशान