90 दिनों के भीतर कार्य पूरा करने की बात है, लेकिन वर्षों तक विलंब हो रहा है।जिम्मेदारी स्पष्ट होनी चाहिए। समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें। मुद्दा किसी व्यक्ति को बदनाम करना नहीं है।मुद्दा यह है कि जिम्मेदारी किसकी है, फाइल कहाँ अटकी है और रैयत का काम समय पर क्यों नहीं हो रहा है।