अब तमाम सूचनाएँ इस बज्म मे भी आने लगी हैं।
मगर अंदर ही अंदर दिल को बहुत डराने लगी हैं ।
कोई सितमगर इतना मजबूर हो गया कैसे।
पिजड़े से परिंदे उडाये जाने की खबर आने लगी है।।
पहले वजूद खा जाएं फिर अमर कर देंगे तुझको।
ये आयत न जाने फिर से क्यों दुहराई जाने लगी है।