जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026 का आयोजन आज दिनांक 31.10.2026 को टाउन हॉल सुपौल में उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। कला एवं संस्कृति विभाग तथा जिला प्रशासन, सुपौल के तत्वावधान में आयोजित इस उत्सव में जिले के युवाओं ने कला, संस्कृति, साहित्य एवं संगीत के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री सावन कुमार, भा0प्र0से0, उप विकास आयुक्त, सुपौल श्री इंद्रवीर कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, सुपौल श्री मनोहर कुमार साहू, सी0डी0पी0ओ0 सदर, सुपौल श्री राजीव रंजन, जिला सूचना एवं जन संपर्क पदाधिकारी, सुपौल श्री संजय कुमार, जिला कला संस्कृति पदाधिकारी, सुपौल, श्री तारकेश्वर पटेल, अवर निर्वाचन पदाधिकारी, सुपौल श्री कमलेश कुमार एवं सीडीपीओ सुपौल सदर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। सुपौल जिला स्तरीय युवा उत्सव के अंतर्गत समूह लोक गायन, समूह लोक नृत्य, कविता लेखन, चित्रकला एवं नुक्कड़-नाटक आदि विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। सुपौल के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं तथा आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन में युवाओं की व्यापक सहभागिता ने जिले की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और रचनात्मक प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
• विभिन्न विधाओं में प्रतिभागियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी:-
प्रतियोगिताओं के अंतर्गत समूह लोक गायन में 13 टीमों तथा समूह लोक नृत्य में 04 टीमों ने भाग लिया। कविता लेखन प्रतियोगिता में 7 प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति प्रस्तुत की, जबकि चित्रकला प्रतियोगिता में 22 बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता एवं कलात्मक कौशल का परिचय दिया। समूह लोक गायन एवं लोक नृत्य की प्रस्तुतियों में बिहार की लोक संस्कृति , पारंपरिक गीतों और नृत्य शैलियों की झलक देखने को मिली। वहीं, कविता लेखन में प्रतिभागियों ने अपने विचारों एवं भावनाओं को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी कल्पनाशीलता को उकेरा।
• युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर:-
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी सुपौल ने कहा कि युवा देश और समाज के भविष्य हैं। उनमें अपार प्रतिभा, ऊर्जा एवं रचनात्मक क्षमता निहित है। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि कला एवं संस्कृति हमारी पहचान और गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। युवाओं को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़कर इनके संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी सुपौल सदर ने कहा कि जिला स्तरीय युवा उत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले के युवाओं की कलात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतिभाओं को पहचानना, उन्हें प्रोत्साहित करना और अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि लोकगीत, लोक नृत्य, चित्रकला, कविता एवं नुक्कड़ नाटक जैसी विधाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध बनाती हैं। इस प्रकार के आयोजन युवाओं में रचनात्मकता विकसित करने के साथ-साथ लोक कलाओं और पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
• विश्वविद्यालय, विद्यालयों एवं सांस्कृतिक मंचो की रही सहभागिता:-
विभिन्न संस्थानों से आए प्रतिभागियों ने अपनी-अपनी विधाओं में उत्साह के साथ भाग लेकर कार्यक्रम को जीवंत बनाया। इस सामूहिक सहभागिता ने यह संदेश दिया कि कला एवं संस्कृति युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने और उनकी प्रतिभा को निखारने का सशक्त माध्यम है। जिला स्तरीय युवा उत्सव सुपौल जिले की युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखने तथा कला, साहित्य और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम ने युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ जिले की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त बनाने का अवसर प्रदान किया। जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विधाओं में प्रथम द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करनेवाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया । साथ ही सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण पत्र के साथ सम्मानित करते हुए उन्हें आगे आने वाले उत्सवों की तैयारी हेतु प्रोत्साहित किया गया।
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