कई बार जिंदगी कहानी की तरह, कई बार चमत्कार की तरह। ऐसे समय में जब पत्नियों द्वारा पतियों को मारे जाने की कहानियाँ आ रही हैं यह इससे उलट कहानी है। पॉपुलर फ़िक्शन को बहुत समकालीन होना होता है और और हमारी कल्पनाओं से परे भी जाने वाला भी होना होता है।
@sanjeevpaliwal सबसे अनप्रेडिक्टेबल लेखक हैं और हर बार पहले से अधिक खरे। सम्पा ने फिर साबित किया।