अगर जातिवादी लठैत अधिकारी मेरे साथ मेरे सरनेम के आधार पर 4वर्ष घटियापन नहीं करता,उसके इशारों में यह बात न होती कि ब्राह्मण लड़कियां होटलों में जाया करती और अश्लील होती हैं जबकि वह खुद चारित्रिक हीनता का शिकार था,चिंगारी यहीं से लगी
हमारी लड़कियों को टारगेट करने की रोज़ बातें,
थ्रेड reservation in MP,
जातिवादी लठैत अधिकारी की जलन होते हुए भी कम से कम एक सरकारी नौकरी थी, परिवार का सपोर्ट अच्छी फाइनेंसियल कंडीशन,
आगे करियर में और भी अच्छा करने का सपना था क्योंकि उस लेवल की योग्यता रखते थे,
नौकरी से बचा हुआ समय पढ़ाई और ज्यादा से ज्यादा नॉलेज हासिल करने