प्रेस कॉन्फ्रेंस खत्म हुई, आरोप लग गए… अब पत्रकारों ने राहुल गांधी से सीधा सवाल किया:
“आपने आरोप लगाए, अब विपक्ष का प्लान क्या है? आगे क्या करेंगे?”
राहुल गांधी का जवाब सिर्फ इतना:
“ये नया टेरिटरी है… पहले कभी नहीं हुआ… वोट, कानून, संस्था और संविधान के बीच की चेन टूट गई है।”
इसी लाइन को बार-बार दोहराया।
न कोई ठोस कदम, न कोई रोडमैप, न कोई वैकल्पिक व्यवस्था। सिर्फ तैयार स्क्रिप्ट और “नई जगह पहुंच गए” वाला फलसफा।
मतलब साफ है , राहुल गांधी के पास आरोप लगाने की स्क्रिप्ट थी, आगे क्या करना है ये खुद नहीं जानते।
बस आरोप, आरोप और आरोप।
मैं तीन साल से वोट चोरी का पर्दाफ़ाश करता आ रहा हूँ। अब चुनाव आयुक्त खुद इसे स्वीकार कर सच्चाई उजागर कर रहे हैं।
ज्ञानेश कुमार ने देशद्रोह किया है। वो अभी इस्तीफ़ा दें और approver बन जाएं।
वोट चोरी की साज़िश में नरेंद्र मोदी और अमित शाह की पूरी जांच होगी।