उत्तर प्रदेश के बरेली में 4 करोड़ रुपए से बनी पानी की टंकी नदी में समा गई!! नदी से थोड़ा दूर ही दूर टंकी बनाई गई थी, बाढ़ में वो दूरी भी खत्म हो गई।
अधिकारी मौज में ही होंगे.. ठेकेदार मौज में ही होंगे..
@kpmaurya1 जी, क्या टंकियां गिरेंगी तभी दूसरी बनेंगी? और बनेंगी तो गिरेंगी ही ,ये मान लिया जाए?
क्योंकि देखने पर तो यही लगता है कि टंकी बनी भी नहीं और गिर गई।
और कितना गिरेंगे ये अधिकारी-ठेकेदार?
जवाबदेही, जिम्मेदारी, नियम-कानून कुछ मायने भी रखते हैं या बस लूट सको उतना लूट लो, क्योंकि कानून का डर तो जैसे है ही नहीं!!