कुछ साल पहले, मेरा बिहार PCS का प्रीलिम्स क्लियर हुआ था, जो कि मैंने अपनी फ़ैमिली को बिना बताए दिया था। जब क्लियर हुआ तो मैंने उनको बताया कि मेन्स है।
एक साथ मेरी मदर और भाई दोनों ने साफ़ मना कर दिया कि नहीं, वहाँ नौकरी नहीं करनी, और किसी स्टेट का देख ले। और नहीं भी होगा कहीं तो भी कोई इशू नहीं, पर कम से कम ऐसी जगह तो जा जहाँ तुझमें कुछ इम्प्रूवमेंट हो। ऐसी जगह पर जाके भी क्या करेगा जहाँ जो पढ़ा है, सीखा है, वो भी हर दिन ख़राब होता चला जाएगा।
तब यह बात समझ नहीं आई थी, लेकिन आज समझ आ रही है कि क्यों कहा जाता है कि बिहार का पटना भी दिल्ली से कम से कम 40-50 साल पीछे है, बाक़ी बिहार को तो छोड़ ही दो... बहुत बुरा हाल है बिहार का।