पुरुष के लिए समय पर मिली सफलता सिर्फ़ एक उपलब्धि नहीं होती, वह उसका सम्मान होती है, उसकी पहचान होती है, उसके सपनों का प्रमाण होती है।
उसी के सहारे लोग उसकी काबिलियत मापते हैं, उसी से रिश्तों का लहजा बदल जाता है, उसी से घरवालों की आँखों में उम्मीद लौटती है, और उसी से उसके अपने भी उस पर गर्व करते हैं।
लेकिन जब वही सफलता देर से मिलती है, तो अक्सर वह बहुत कुछ खो चुका होता है, कुछ अपने, कुछ रिश्ते, कुछ अधूरे ख़्वाब, और सबसे ज़्यादा... अपने भीतर का वह इंसान, जो कभी बिना शर्त मुस्कुराया करता था।
रोहित