क़ाफ़िले में कौन अपना, कौन मुख़बिर जानिए,
पहले अपने घर की खबर, फिर दुश्मन को पहचानिए।
तलवार म्यान में रखिए, मगर इतना ध्यान रहे—
जनता सब देख रही है, हिसाब भी रखिए। 😏
ख़ामोशी को कमज़ोरी न समझे दुश्मन,
म्यान में दबी तलवार भी पहचानती है अपनी धार।
काफ़िला साफ़ रहेगा और निगाहें बेदार,
सही वक़्त पर ही होगा अब आख़िरी वार।