मल्लिकार्जुन खड़गे के परिवार की सच्चाई शायद कुछ ही लोग जानते होंगे।
1948 में हैदराबाद के निज़ाम की मुस्लिम मिलिशिया रजाकारों ने मल्लिकार्जुन खड़गे के गाँव वरपट्टी में घर घर आग लगा दी थी।
खड़गे की माँ बहन और परिवार के कई सदस्य ज़िंदा जला दिए गए।
खड़गे और उनके पिता सिर्फ़ बचे!
खड़गे के पिता बचे कैसे, उस समय खड़गे के पिता मापन्ना खेत में काम कर रहे थे, पड़ोसी ने आकर बताया कि आपका घर जल रहा है, उसके बाद मापन्ना दौड़ कर आए और सिर्फ मल्लिकार्जुन खड़गे को बचा पाये।
इसके बाद पिता पुत्र जंगल में छिपे, फिर गांव छोड़कर निकले।खड़गे को उनके पिता ने ही पाला पोसा।
खड़गे की हिम्मत आज तक नहीं हुई कि उन मुस्लिमों के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही करे। आज यह लंबी लंबी बात करता है और बड़ी बड़ी बाते करके दूसरो को ज्ञान देता है।
सोनिया राहुल लंबी लंबी बाते करते है, लेकिन जब मुसलमान हिंदू को मार दे तब इनके मुंह से आवाज नहीं निकलती। मुसलमानों के आगे इनकी हवा निकल जाती है, बल्की ये उसी के साथ खड़े होकर लहंगा उठा कर नाचने लगते है।
आख़िर ऐसा दोहरा रवैया क्यों? हिंदू के साथ अन्याय हो तो चुप्पी, लेकिन मुसलमानों के मामले में तुरंत चिंता और सहानुभूति!🤔
हिंदू जातीयों में बटकर इनके मुसलमान प्रेम के आगे आँखे बंद कर लेता है।