यह मामला बैंक ऑफ़ बड़ौदा का है l
जहाँ एक महिला अपने री केवाईसी का फॉर्म कई दिन पहले देकर जाती है,
जिसे बैंक कर्मचारी द्वारा आगे बढ़ा कर अकाउंट फिर से चालू नहीं किया जाता है,
जब वो इसकी शिकायत करते हुए बैंक में वीडियो बनाने लग जाती है, तो
बैंक वाले कहते है की यहाँ कैमरा ना चलाए,
अब बताए जब किसी का खाता बंद हो और काम रुका हुआ हो, तो फिर कोई क्या करेगा,
आजकल री-केवाईसी न होने के कारण अकाउंट फ्रीज होना देश के लाखों बैंक ग्राहकों की उस रोजमर्रा की परेशानी को बयां करता है,
यह वीडियो सिर्फ एक बैंक शाखा की नोकझोंक नहीं है, बल्कि यह हमारे डिजिटल बैंकिंग सिस्टम की एक बहुत बड़ी जमीनी हकीकत और ग्राहक-बैंक के बीच बढ़ते गैप को सामने लाता है।