रौशन आनंद सर को टारगेट करके बयानबाज़ी करना कतई उचित नहीं है, मैं गवाह हूँ कि कैसे रौशन सर ने सिर्फ़ आंदोलन को एक जूट करने के लिए दिलीप जी के पैर पकड़ने तक की बात कही ।
मैं रौशन सर का एक - एक लाइन सुना हूँ , वो एकजुटता और छात्र आंदोलन को बड़ा करने की बात कर रहे हैं ।
सर का कहना है ईगो साइड करके दोनों गुट एक साथ आयें , और 13-15 सूत्री माँग को लेकर साथ में लड़ें ।